शहर के आलमगंज में चाँद रात में हुए उपद्रवियों के मामले में एसडीपीआई ने जिलाधिकारी से न्याय की मांग की।

बिहारशरीफ:- ईद की चाँदरात दिनांक 2 मई को करीब 8:30 बजे रात में कुछ पेशेवर दंगाईयों द्वारा अमन शांति भंग करने की कोशिश की गई,

जिसमे एक गर्भवती महिला के साथ छेड़खानी एवं मार-पीट किया।जिसका महिला के पति द्वारा विरोध करने पर उसके पति को भी मारा और उसकी बहन का सर फाड़ दिया, जिससे शहर के भीतर ईद की मार्केटिंग और खरीदारी को काफी नुकसान पहुंचा और शहर के अंदर ईद की खुशी में पानी फेर दिया और देखते ही देखते मामला इतना बिगड़ा के कुछ ही मिनटों में पूरी मार्केट बंद हो गई और मौके पर एसपी/डीएसपी/एसडीओ/बीडीओ समेत जिला अधिकारी भी पहुंच गए और लोगों को समझा बुझाकर कर मामला को शांत कराया गया साथ ही प्रशासन के अपील पर पुनः मार्केट खुलवाई गई और ये अधिकारियों द्वारा निर्दोष जनता एवं पीड़ित परिवार को खूब सारा  आश्वाशन भी दिया गया कि हर हाल में दोषी को बख्शा नही जाएगा, हर हाल में उसे पकड़ेंगे, उसके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई करेंगे, ये सारा वादा जनता से जिला के वरीय पदाधिकारी डीएम/एसपी/डीएसपी ने किया था।

साथ ही साथ अगले दिन ईद थी लोग ईद की खुशियां मना रहे थे और दूसरी तरफ बजरंग दल नालन्दा द्वारा जिला प्रशासन पर दवाब बनाया जा रहा था कि हमारा भी केस लिया जाए या हमारे गिरफ्तार किये हुए लोगो को छोड़ा जाए। इतना ही नहीं ईद के दिन अचानक बजरंग दल ने एकाएक खुला एलान किया कि शाम 5 बजे घटना स्थल के करीब आरती पूजा का आयोजन किया जाएगा ठीक उसी जगह जहां उस रात घटना घटी थी,मकसद था शहर का माहौल खराब करना, हैरानी की बात ये है कि जिला प्रशासन जो किसी भी कार्यक्रम का अनुमति 72 घंटे पहले सूचना देने के अनुमति देती है वो बजरंग दल द्वारा अचानक लिया गया फैसला का अनुमति भी दे देती है और कार्यक्रम भी होता है।

जिसके बाद जिला प्रशासन द्वारा शांति समिति की बैठक बुलाई जाती है जिसमे दोनो समुदाय के  बुद्धिजीवी लोग के इलावा आरएसएस/बजरंग दल के लोग भी मौजूद रहते हैं,पहला से गढ़ा गया कहानी सुनाकर लोगों को एक तबका को मोह लिया जाता है जिसमें निष्कर्ष ये निकला कि केस तो होगा मगर दोनों तरफ से केस होगा,

जिला प्रशासन अपना वादा अपना कर्तव्य भूल कर संघ के दवाब में दिखते नजर आई, और जिला प्रशासन ने उनके दवाब में आकर दुतरफा केस करने का निर्णय लिया।

जिस पीड़ित महिला ने केस किया था उसके पति मुहम्मद सद्दाम अंसारी को सिग्नेचर के बहाने थाना बुलाया गया और उस बेकसूर को जेल भेज दिया गया। वो बस चाँदरात को अपनी फैमिली के साथ शॉपिंग करने आया था जिसका साक्ष्य पास के सीसीटीवी कैमरे में भी मौजूद है कि कैसे माहौल को बिगाड़ा गया।प्रशासन की दोहरी नीति से शहर में इसका पुरजोर विरोध हो रहा है।एसडीपीआई प्रदेश अध्यक्ष शमीम अख्तर ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया की सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया जिलाधिकारी महोदय से इस पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी करवाई करने की मांग करती है।