शब-ए-कद्र की पहली रात आज से 21,23,25,27 और 29 की रात रहेगा शब-ए-कद्र।

बिहारशरीफ:-रमजान मुबारक का तीसरा अशरा आज से शुरू हो चुका है।तीसरे अशरे की 5 रात मुस्लिमों के लिए काफी खास है। इसी मुकद्दस रात में कुरआन भी मुकम्मल हुआ। रमजान के तीसरे अशरे की पांच पाक रातों में शब-ए-कद्र को तलाश किया जाता है। ये रात हैं 21वीं, 23वीं, 25वीं 27वीं और 29वीं रात है।

शब-ए-क्रद वह अजीम रात है, जिसके बारे में फरमाया गया है कि इस एक रात इबादत करना हजार महीनों की इबादत से अफजल है। मौलाना कलाम नूरी ने बताया कि रमजान का आखिरी अशरा जहन्नुम से आजादी का है, जो सोमवार मगरिब से शुरू होगा। आखिरी अशरे की ताक रातों (21वीं, 23वीं, 25वीं, 27वीं व 29वीं) में इबादतों के जरिए 'शब-ए-कद्र' की तलाश करने का हुक्म है।

 इस अशरे में मस्जिदों में एतकाफ में बैठने का हुक्म है। यदि किसी मोहल्ले से एक भी बंदा एतकाफ पर बैठता है तो पूरे मोहल्ले पर खुदा की रहमत नाजिल होती है। वहीं यदि कोई नहीं बैठा तो पूरा मोहल्ला गुनहगार होता है। एतकाफ के लिए सूरज ढलने से पहले मस्जिद में पहुंचने का हुक्म है।