बिहारशरीफ के बाज़ारों में बढ़ी बक़रीद की रौनक।बिहारशरीफ शाही जामा मस्जिद इमाम ने सरकारी गाइडलाइन को फ़ॉलो करते हुए बक़रीद मनाने की अपील की।
बिहारशरीफ:-कुर्बानी का त्योहार ईद उल अज़हा(बक़रीद) 21 जुलाई बुधवार को मनाया जाएगा इसको लेकर शहर स्थित मंडियों में इस त्योहार से संबंधित सामग्रियों की दुकानें सजने लगी है और ग्राहकों की गहमागहमी भी तेज हो गई है।हर क़ीमत में बाज़ार में बकरे की उपलब्धता ज़्यादा देखी जा रही है।शहर के पुलपर,आलमगंज,भरावपरसब्ज़ी बाजार,बड़ी दरगाह इन इलाकों में त्योहार की चहल पहल ज़्यादा देखी जा रही है।आपको बताते चलें कि मुस्लिम समुदाय में बकरीद पर कुर्बानी का महत्व होता है। मगर बाकी व्यवस्था वही होती है जो इर्द में होता है। इसके मद्देनजर शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर लच्छेदार सेवई की दुकानें सज गई है। मुस्लिम समुदाय के लोग बकरीद में कुर्बानी के लिए बकरों को खरीदना शुरू कर चुके है।इसके साथ ही अन्य सामग्रियों की खरीदारी भी तेज है।वहीं कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए धार्मिक स्थल अभी फिलहाल आम जनों के लिए बन्द है।ऐसे में ईद उल जोहा(बक़रीद)की नमाज़ कुछ लोगों के साथ ही अदा की जाएगी।बिहारशरीफ पुलपर शाही जामा मस्जिद इमाम मुफ़्ती मोहम्मद मुजाहिद क़ासमी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सरकारी गाइडलाइन को फ़ॉलो करते हुए त्योहार मनाएं, कुर्बानी की अदाएगी में साफ-सफाई का खास ध्यान रखें।कुर्बानी की बची हुई चीजें जैसे खून,खाल और दूसरी गन्दगी को ऐसी जगह पर न डालें जिससे लोगों को तकलीफ़ हो,माहौल को भी साफ सुथरा रखें,कुर्बानी का जानवर का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल न करें।त्योहार के दिन भीड़ भाड़ न लगाएं समाजिक दूरी का पालन एवं बक़रीद के नमाज़ के दौरान नमाज़ी मास्क का इस्तेमाल अवश्य करें एवं गले मिलने हाथ मिलाने से परहेज़ करें।


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