पर्यावरण संरक्षण व साइकिल के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए साइकिल से बिहार से चलकर अर्पणा सिंह व उत्पलकांत 15 दिनों में पहुंची तेलंगाना

बिहारशरीफ(एस राजा):-हमारे छोरियां छोरों से कम है के।जी हाँ कुछ यूं ही कर दिखाया दोनों भाई बहन अर्पणा सिंह व उत्पलकांत ने।देश मे बढ़ते प्रदूषण की समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बिहारशरीफ नालन्दा जिला से निकलकर तेलंगाना पहुंची है दोनों।दोनों भाई बहन ने इस टूर में हुए परेशानियों की भी बात साझा की साथ ही साथ उन्होंने रास्ते मे सभी मदद करने वाले ग्रामीण एवं पुलिस प्रशासन का भी शुक्रिया अदा किया।

इस मौके पर अर्पणा सिंह ने बताया कि आज भारत का लगभग हर शहर प्रदूषण की मार झेल रहा है। कहीं कम तो कहीं अधिक। अगर हम नहीं चेते तो आने वाले दिनों में भयावह परिणाम सामने आएंगे।उद्देश्य यही है लोग पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक हों।इस टूर पर बातचीत के दौरान उत्पलकांत ने बताया कि हर व्यक्ति को साइकिल अवश्य चलाना चाहिए। इससे स्वास्थ्य अच्छा रहता है, साथ ही पर्यावरण को भी प्रदूषित होने से बचाया जा सकता है। ऐसे विचारों को लेकर दोनों भाइ बहन ने कहा कि मुसीबतें तो आती रहती हैं, लेकिन हौसला कायम रहना चाहिए। मंजिलें खुद ब खुद पास आ जाएंगी।



इस यात्रा पर उन्होंने कहा कि जगह-जगह लोगों का आशीर्वाद व स्नेह ही उन्हें हिम्मत दे रही है।इस टूर के दौरान अर्पणा सिंह का झारखंड बॉर्डर पर ही साइकिल पंचर हो गया था जिस दौरान पुलिस अधिकारी ने मदद किया,साइकिल में हवा भरने का यंत्र पास में ही रखते हैं दोनों।अर्पणा सिंह ने मीडया की बताया कि हम दोनों ने काफी संघर्ष करते हुए पहली मंजिल 15 दिनों से 1 दिन पहले ही कर ली,120 किलोमीटर का नक्सल जंगल पार करना था फिर मैं सोची एक दिन में पार कर लुंगी और साइकिल खराब हो गया और जंगल खत्म होने में 20 किलो मीटर बाकी था शाम 7 भी बज गए थे गाँव दूर था किसी से मदद लेने में भी काफ़ी डर लग रहा था।अर्पणा ने अपने भाई को कहा कि अगर आज मुझे कुछ हो गया तो तुम अपनी ट्रैक पूरी कर लेना इस सफर को अधूरा मत छोड़ना साथ ही साथ उन्होंने कहा कि रात्रि नेटवर्क का संपर्क पूरी तरह से टूट चुका था और हमने घर मे फोन कर के कह दिया हमारे कॉल का इन्तेजार करना और सभी घरवालों से बात हुई उसके बाद घर वाले काफी खुशियों के साथ आशीर्वाद देकर मंज़िल आगे बढ़ने के लिए दुआ किया।उसके बाद आंध्रप्रदेश पहुंच कर  झांसी की रानी की तरह आगे बढ़ते दिखी।