लॉकडाउन में सामने आया नालन्दा पुलिस का मानवीय चेहरा, रक्तदान कर बचाई जान

मो० हमज़ा अस्थानवी

नालन्दा : लॉकडाउन के दौरान बिहार पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया है। नूरसराय थाने मे पदस्थापित ग़ुलाम मोहम्मद ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए जिला के अस्पताल में महीला को ब्लड की जरूरत है। यह मैसेज अल मीर फाऊंडेशन ब्लड डोनर्स वाटसएप ग्रुप में चल रहा था। नूरसराय मे पदस्थापित ग़ुलाम मोहम्मद  ने जैसे ही मैसेज देखा तुरंत अस्पताल पहुंचे और रक्तदान किया।जानकारी के अनुसार अल मीर फाऊंडेशन के जागरूक युवाओं ने ब्लड डोनर्स के नाम से वाटसएप पर एक ग्रुप तैयार किया है,ग़ुलाम मोहम्मद भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान से किसी का जीवन बचाया जा सकता है, इसलिए सभी को रक्तदान करना चाहिए। रक्तदान के बढ़कर दुनिया में कोई भी दान नहीं है, आपके द्वारा किया गया रक्तदान न जाने कितने लोगों की जिंदगी बचाने में काम आता है, इसलिए हमे आगे आकर रक्तदान करना चाहिए। अल मीर फाऊंडेशन के डायरेक्टर ने कहा कि रक्तदान महादान है, इसे जीवनदान के बराबर माना जाता है। रक्तदान न केवल अन्य व्यक्ति के जीवन को बचाता है, बल्कि यह रक्त देने वाले को स्वस्थ बनने में भी मदद करता है। इसलिए यह दोनों के लिए फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि रक्तदान एक जीवन देने वाली गतिविधि है जो किसी व्यक्ति के जीवन को बचा सकती है। इसलिए जब भी मौका मिले, सभी स्वस्थ पुरुषों और महिलाओं को रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने ने कहा कि ब्लड डोनेट करने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया । संस्थान में ब्लड डोनेशन का कैम्प लगाया जाता है जिसमें स्थानीय लोगों का सहभागिता रहता है। इस ब्लड कैम्प के लिये बार बार जागरूकता के माध्यम से स्थानीय लोगों को अवेरनेस करने का प्रयास किया जाता रहा है।