आप बिती- सोमप्रकाश सिंह।
औरंगाबाद। औरंगाबाद जिला अंतर्गत मदनपुर प्रखण्ड का सलैया थानाक्षेत्र कभी बिहार का अत्यंत ही उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र रहा था। जिसे चाल्हो जोन के नाम से जाना जाता था। S.T.F. में 4 साल तक सेवा देने के बाद मैंने CHOICE POSTING के रूप में बिहार का अत्यंत उग्रवाद प्रभावित जिला मांगा था। ताकि उस जगह पर रहकर उग्रवाद के कारणों को भली-भांति समझ सके। हालांकि मेरे साथी मेरे इस कदम से सहमत नहीं थै। वर्ष 2005-2006 में सलैया थाना में बतौर थानाध्यक्ष पदस्थापित रहा। थानाध्यक्ष एवं इंसानियत की नजरिये से जब मैंने इस क्षेत्र को देखा तो यह क्षेत्र उग्रवाद से कही ज्यादा सामंतवाद से त्रस्त था। यह क्षेत्र अपने शोषण और दमन का जीता जागता उदाहरण था। आज भी मुझे याद है 20 जनवरी 2005 का दिन जब मैं पहली इसी सलैया थानाक्षेत्र के अत्यंत पिछड़ा गांव मथान बिगहा में उग्रवादियों के आने की सूचना पर पुलिस बल के साथ गया था। मेरे रहते कोई उग्रवादी तो नहीं आये। लेकिन... कोई उग्रवादी क्यों बनता है? समझ में आ गया था। मैं शुरू से ही हमेशा अपने पास हाडबोड पर सदा कागज लगाकर रखता था। उसी दिन उसी क्षण उसी गांव में एक पेड़ के नीचे बैठकर पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखा था कि यदि हम सच में उग्रवाद खत्म करना चाहते हैं तो हमें सबसे पहले गरीब जनता का दमन व शोषण रोकना होगा। मैंने उसी दिन शैक्षिक जागृति मंच की स्थापना करते हुए क्षेत्र में शिक्षा का व्यापक प्रचार प्रसार एवं लोगों को उनके अधिकार के प्रति जागरूक करने का प्रयास शुरू किया था। जिसका व्यापक असर पूरे जिले में दिखाई दिया था। उस दिन को बीते लगभग 16 साल होने जा रहा है। इस बीच दरोगा से निर्दलीय विधायक तक का रोमांचक सफर पूरा किया। देश की न्यायिक ब्यवस्था को समझने के लिए हाई कोर्ट में अपना केस स्वयं लड़ा। उच्च न्यायालय ने मेरे साथ अन्याय किया। लेकिन सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिला।करीब 16 साल के बाद भी मदनपुर और सलैया के लोगों के दिलों ❤️ में आज भी अपने लिये उतना ही प्यार व सम्मान पाता हूं। सभी साथियों को ❤️ दिल से नमन🙏*

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