सभी निकाय कर्मचारियों को स्थाई करो।

निजीकरण की नीति वापस लो,ठेका प्रथा वापस लो

21000 मासिक न्यूनतम मजदूरी लागू करो




आज बिहार शरीफ नगर निगम गेट के समक्ष निकाय कर्मचारी विरोधी नीति के खिलाफ नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार का पुतला दहन किया गया । राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत सफाई कर्मी ने फिजिकल डिस्टेंस का पालन करते हुए अपनी मांगों को लेकर निम्न नारे लगाए ।

1.सभी निकाय कर्मचारियों को स्थाई करो ।

2. निजीकरण की नीति वापस लो
, ठेका प्रथा वापस लो ।

3. 21000 मासिक न्यूनतम मजदूरी लागू करो ।

4. कोरोना संक्रमण महामारी में सफाई कर्मचारियों को 1 माह का अतिरिक्त वेतन का भुगतान शीघ्र करो ।

5. ईपीएफ कटौती की सूची जारी करो।
6.  माह के 7 तारीख तक वेतन भुगतान की गारंटी करो ।

7. सफाई कर्मचारियों को काम से हटाने और रखने का गोरखधंधा बंद करो ।

आदि मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन जारी रखा जाएगा उपरोक्त  बातें नगर कामगार यूनियन के अध्यक्ष विक्की कुमार ने विस्तार पूर्वक रखें ।
यूनियन के सचिव मनोज रविदास ने मोदी सरकार और नीतीश सरकार के पुतला दहन के क्रम में कहा कि डबल इंजन वाली सरकार सफाई मजदूर विरोधी है। हमारी मांगे जायज है लड़कर लेने का संकल्प लेते हुए सरकार की पोल खोलना है ।
 माले नेता रामप्रीत केवट ने कहा कि देश में मजदूर कर्मचारियों की अधिकार को सरकार खत्म कर मजदूरों को गुलामी का जीवन जीने पर मजबूर कर रही है ।
दूसरे तरफ अमीरों को मालामाल करने के लिए लूट की छूट देकर जनता की संपत्ति को ए टू जेड कंपनियों के हवाले कर रही है ।
इसलिए देश विरोधी सरकार के खिलाफ एकजुट होकर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर और भगत सिंह के सपनों का भारत देश बनाने के लिए जनता को आगे आने की जरूरत है ।

कार्यक्रम में उपस्थित ऐक्टू नेता मकसूदन शर्मा , महेश रविदास , जयन्त आनंद , संटू रविदास, संजय कुमार, धर्मेंद्र रविदास , विशाल डोम ,बब्लू दास , रसमेश्वर दास व अन्य शामिल रहे ।