बिहारशरीफ में हज़रत मखदूम दाऊद कुरैशी वक्फ स्टेट की नई कमिटी का मामला पकड़ा तूल।
नालंदा जिला वक्फ की जायदाद का अस्तित्व खतरे में।
बिहारशरीफ-शहर के रांची रोड सरकारी बस स्टैंड के निकट हजरत मखदूम दाऊद कुरेशी वक्फ स्टेट के नाइ कमिटी का मामला लगातार स्कूल पकड़ता जा रहा है पूर्व सचिव मीर अरशद का कहना है कि सुन्नी वक्फ बोर्ड ने मनमाने और गलत ढंग से कमेटी का गठन किया है उनका आरोप है कि मोहल्ले के ही लोगों को कमेटी में होना चाहिए परंतु बाहरी लोगों को कमेटी में जगह दी गई उनका कहना है 1985 से पूर्व इस दरगाह के इर्द-गिर्द गंदगी फैली रहती थी उस समय इन्होंने इस दरगाह को वक़्फ़ बोर्ड में डाला जिसके बाद इसे स्टेट का दर्जा मिला और तब से अब तक यह मोतवल्ली यहां के हैं साथ ही मोहल्ले के ही लोग इसमें मेंबर हैं मीर अरशद का कहना है सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन मनमाने तरीके से यहां की कमेटी का गठन किया जिसके विरुद्ध उच्च न्यायालय जाएंगे उन्होंने साहिब सज्जाद नशीन पर भी कई प्रकार के आरोप लगाए। अगर देखा जाए तो वर्तमान समय में सोगरा स्टेट तथा अन्य स्टेट में सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन कि बेवजह हस्तक्षेप के कारण नालंदा जिला वक्फ की जायदाद का अस्तित्व खतरे में पड़ता दिखाई दे रहा है।वैसे सुन्नी वक्फ बोर्ड को चाहिए की इस पर खास ध्यान दे।
नालंदा जिला वक्फ की जायदाद का अस्तित्व खतरे में।
बिहारशरीफ-शहर के रांची रोड सरकारी बस स्टैंड के निकट हजरत मखदूम दाऊद कुरेशी वक्फ स्टेट के नाइ कमिटी का मामला लगातार स्कूल पकड़ता जा रहा है पूर्व सचिव मीर अरशद का कहना है कि सुन्नी वक्फ बोर्ड ने मनमाने और गलत ढंग से कमेटी का गठन किया है उनका आरोप है कि मोहल्ले के ही लोगों को कमेटी में होना चाहिए परंतु बाहरी लोगों को कमेटी में जगह दी गई उनका कहना है 1985 से पूर्व इस दरगाह के इर्द-गिर्द गंदगी फैली रहती थी उस समय इन्होंने इस दरगाह को वक़्फ़ बोर्ड में डाला जिसके बाद इसे स्टेट का दर्जा मिला और तब से अब तक यह मोतवल्ली यहां के हैं साथ ही मोहल्ले के ही लोग इसमें मेंबर हैं मीर अरशद का कहना है सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन मनमाने तरीके से यहां की कमेटी का गठन किया जिसके विरुद्ध उच्च न्यायालय जाएंगे उन्होंने साहिब सज्जाद नशीन पर भी कई प्रकार के आरोप लगाए। अगर देखा जाए तो वर्तमान समय में सोगरा स्टेट तथा अन्य स्टेट में सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन कि बेवजह हस्तक्षेप के कारण नालंदा जिला वक्फ की जायदाद का अस्तित्व खतरे में पड़ता दिखाई दे रहा है।वैसे सुन्नी वक्फ बोर्ड को चाहिए की इस पर खास ध्यान दे।

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