अनु० जाती प्राथमिक विद्यालय खोलने की मांग मोरा तालाब ग्रामीणों के द्वारा।
बिहारशरीफ, रहुई। विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि आगामी सितंबर माह से सरकारी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों को कोरोनाकाल के अनलॉक में खोला जाएगा। खुशी है कि विद्यालय खुले और सुचारू ढंग से पढ़ाई हो। स्वराज पार्टी (लोकतांत्रिक) के जिला सचिव संजय कुमार ने कहा कि कोरोनाकाल में विद्यालय खुलने से बच्चों का विद्यालय में भीड़ इकट्ठा होगा इसे देखते हुए दो शिफ्टों में पढ़ाई हो ताकि भीड़ कम हो और साथ ही श्री कुमार ने कहा कि मोरा तालाब पंचायत के मोरा तालाब गांव में एक मध्य विद्यालय है उसे उत्कर्मित उच्च विद्यालय बना दिया गया। इसी साल पढ़ाई शुरू होना था लेकिन कोरोना के कारण विद्यालय खुल नहीं सका। उम्मीद है सितंबर माह से खुले। मोरा तालाब के ग्रामीणों का कहना है कि उच्च विद्यालय बना जाने से विद्यालय मे जगह कम रहने से भीङ अधिक हो जाएगा। हमलोग सरकार व प्रशासन से यह मांग करते हैं कि गांव के अन्दर ही पुराने अस्पताल के जमीन पर एक अनुसुचित जाती प्राथमिक विद्यालय खोल कर कोरोनाकाल में भीङ से छात्र-छात्राओं को कोरोनावायरस डिजीज-19 से बचाव किया जाए।
बिहारशरीफ, रहुई। विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि आगामी सितंबर माह से सरकारी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों को कोरोनाकाल के अनलॉक में खोला जाएगा। खुशी है कि विद्यालय खुले और सुचारू ढंग से पढ़ाई हो। स्वराज पार्टी (लोकतांत्रिक) के जिला सचिव संजय कुमार ने कहा कि कोरोनाकाल में विद्यालय खुलने से बच्चों का विद्यालय में भीड़ इकट्ठा होगा इसे देखते हुए दो शिफ्टों में पढ़ाई हो ताकि भीड़ कम हो और साथ ही श्री कुमार ने कहा कि मोरा तालाब पंचायत के मोरा तालाब गांव में एक मध्य विद्यालय है उसे उत्कर्मित उच्च विद्यालय बना दिया गया। इसी साल पढ़ाई शुरू होना था लेकिन कोरोना के कारण विद्यालय खुल नहीं सका। उम्मीद है सितंबर माह से खुले। मोरा तालाब के ग्रामीणों का कहना है कि उच्च विद्यालय बना जाने से विद्यालय मे जगह कम रहने से भीङ अधिक हो जाएगा। हमलोग सरकार व प्रशासन से यह मांग करते हैं कि गांव के अन्दर ही पुराने अस्पताल के जमीन पर एक अनुसुचित जाती प्राथमिक विद्यालय खोल कर कोरोनाकाल में भीङ से छात्र-छात्राओं को कोरोनावायरस डिजीज-19 से बचाव किया जाए।

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