प्रशांत भूषण के विरुद्ध अवमानना कानून के तहत कारवाई के खिलाफ फाइट फोर जस्टिस ने उठाई आवाज।

पटना। लोकतंत्र में जब कानून का सही तरीके से पालन नहीं होता है और अन्याय चरम सीमा पर पहुँच जाता है और जनता को जब कही भी न्याय नहीं मिल पाता है तो वो न्यायालय की तरफ आस्था भरी नजरों से देखता है परंतु जब माननीय सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आम नागरिकों के गले नहीं उतर रहा हो और जज का फैसला भी किसी खास वर्ग विशेष या किसी पार्टी विशेष से प्रभावित लगता हो। तब न्यायपालिका की विश्वसनीयता ही संदेह की दायरे में आ जाती है। तब आम नागरिक का दायित्व हो जाता है कि वो न्यायिक ब्यवस्था में ब्याप्त खामियों को उजागर करे ताकि उन कमियों को दूर कर न्यायिक ब्यवस्था को दुरूस्त किया जा सके। वर्तमान समय में हमारे देश की न्यायपालिका इसी दौर से गुजर रही है। जब विद्वान अधिवक्ता श्री प्रशांत भूषण ने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश पर भ्रष्ट होने का आरोप लगाया तो उस जज के विरूद्ध जाँच कराने के बजाय आरोप लगाने वाले अधिवक्ता को ही CONTEMPT OF COURT का दोषी साबित कर दिया गया। इसका मतलब कि यदि आम नागरिक पर भ्रष्ट होने का आरोप लगे तो वो जेल जायेगा परंतु जज पर आरोप लगे तो आरोप लगाने वाला ही जेल जायेगा। इस तरह माननीय न्यायालय द्वारा CONTEMPT OF COURT का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।  CONTEMPT OF COURT के दुरूपयोग के विरूद्ध विचार-विर्मश हेतू आज दिन – बुधवार, दिनांक – 19 अगस्त 2020 को शाम 04:00 बजे से दरोगा प्रसाद राय ट्रस्ट भवन, पटना में एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने अपने-अपने विचार में अधिवक्ता प्रशांत भूषण द्वारा लगाये गये आरोपों की जाँच कराने की माँग करते हुए भ्रष्ट जज पर कारवाई की बात कहा। साथ ही सदस्यों ने निर्णय लिया कि माननीय न्यायालय द्वारा जनता का अवमानना के विरूद्ध कल सुबह 10:30 बजे डाक-बंगला चौराहा से राजभवन मार्च करते हुए जनता की भावनाओं से महामहिम राज्यपाल को अवगत कराया जाये। बैठक में उपस्थित स्वराज पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष सोमप्रकाश सिंह, उपाध्यक्ष नंदकिशोर यादव, महासचिव कुमार राजेश, पटना जिला अध्यक्ष अरुण कुमार बर्मा, नालन्दा जिला सचिव संजय कुमार, उप-सचिव कन्हैया लाल यादव, रणधीर सिन्हा, विनय भुषण कुमार, शिव शंकर कुमार, भारत भूषण, राहुल कुमार, बाबा रंजय नाथ, संतोष सरोज, पटना उच्च न्यायालय के वरीय अधिवक्ता अरुण कुमार कुशवाहा, बिनोद कुमार, संतोष कुमार एवं छात्र स्वराज प्रदेश अध्यक्ष विरेन्द्र कुमार।