बिहारशरीफ-ज्ञात हो की दिनांक 29 जुलाई बुधवार को बिहारशरीफ के स्थानीय कटरा मोहल्ले मे एक लड़के द्वारा फेसबुक पर लड़की का फोटो पोस्ट करने के कारण विवाद तथा सामप्रदायिक तनाव उत्पन्न हो गया था और दोनो समुदायों के बीच थोड़ी झड़प भी हुई जिसमे तीन लोगों को चोट आई जिनका ईलाज सदर असपताल मे चल रहा था ( पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था) ।
जैसे ही दो समुदायों के बीच कटरा मोहल्ले मे विवाद की खबर नालंदा एस.पी. निलेश कुमार को पड़ी उनहोने बिहारशरीफ सदर एसडीपीओ इमरान प्रवेज़ को सम्भालने और शान्ति बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपदी तथा खुद इसकी जानकारी लगातार एसडीपीओ इमरान परवेज़ से फोन द्वारा लेते रहे।
एसडीपीओ इमरान प्रवेज़ (जो की बिमार चल रहे थे) ने प्रस्थितियों को समझते हुए बिहार थाना, लहेरी थाना तथा पुलिस के जवानो के सहयोग से तुरंत ही मौके पर पहुंचकर स्थिति को समान्य बनाने का कार्य किया जिसमे बिहारशरीफ के कुछ सामाजिक संगठनों ने भी शान्ति बनाए रखने मे अपना योगदान देने का काम किया।
परंतु असल प्रस्थिति जो अगले दिन बिगड़ी जब एक बेकसूर राहगीर मो०आतिफ़ मलिक, पिता : मरहुम/स्वर्गीय मो० आसिफ़ मलिक, निवासी: बड़ीदरगाह जो की झड़प के दौरान घायल हो गया था और उसका भी इलाज बिहारशरीफ सदर अस्पताल मे चल रहा था उसको अगले दिन 30/07/2020 को पुलिस ने गिरफ्तार करके कैदी वार्ड मे रख दिया ।
जैसे ही इसकी खबर मो०आतिफ़ की माँ द्वारा बिहारशरीफ के समाज सेवियों मो० शारिक उर्फ सोनु, एस. एम. ईसलामुल हक उर्फ़ मो. अरसद जेन, तसव्वर हसन उर्फ मो. बम्मी , मो सैफुल्लाह उर्फ कैप्टन तथा मो. तालिब मलिक को दि गयी सभी ने अपने स्तर से बेकसूर मो. आतिफ़ मलिक को जेल जाने और कैरियर खराब होने से बचाने के लिए प्रयास शुरु कर दिया।
इस मे इंस्पेक्टर मुश्ताक साहब ने मार्गदर्शक का काम किया और इन सबों को ये मशवरा दिया के सब से पहले वर्य पदाधिकारियों को इसकी जानकारी देने का काम करो और सच बताओ।
इंस्पेक्टर मुशताक साहब के मार्गदर्शन के कारण सभी ने किसी तरह इस बात की जानकारी एसडीपीओ इमरान प्रवेज़ सर तक पहुंचाने का काम किया और एसडीपीओ इमरान प्रवेज़ सर ने इस बात से नालंदा एस.पी. श्री निलेश कुमार सर को अवगत कराने का काम किया जिस के कारण नालंदा एस.पी. ने एसडीपीओ इमरान सर को इस की जाँच करके सच्चाई पता बेकसूर के साथ न्याय करने का आदेश दिया। बाद मे जाँच में ये पाया गया के मो.आतिफ़ मलिक अपने घर बड़ीदरगाह के लिए जारहा था और इस झड़प मे उसका कोई हाँथ नही है जिसके बाद नालंदा एस.पी. निलेश कुमार के आदेश से मो. अतिफ़ मलिक को छोड़ दिया गया और इस प्रकार नालंदा पुलिस द्वारा एक बेकसूर बच्चे का कैरियर बरबारद होने से बच गया।
इस न्याय के लिए मो. आतिफ़ मलिक की माँ और परिवार जनो ने नालंदा पुलिस एस.पी. निलेश कुमार, एसडीपीओ इमरान प्रवेज़, इंस्पेक्टर मुश्ताक सर तथा समाज सेवियों मो. शारिक उर्फ़ सोनु, एस.एम.ईसलामुल हक उर्फ मो. अरसद, तसव्वर हसन उर्फ बम्मी, मो. सैफुल्लाह उर्फ कैप्टन तथा मो. तालिब मलिक को धन्यवाद कहा और दोआऐं देने का काम किया है।
इस कार्य के लिए नालंदा जिला वासियों द्वारा पुरे जिले मे नालंदा पुलिस तथा समाज सेवियों की सराहना की जारही है ।
जैसे ही दो समुदायों के बीच कटरा मोहल्ले मे विवाद की खबर नालंदा एस.पी. निलेश कुमार को पड़ी उनहोने बिहारशरीफ सदर एसडीपीओ इमरान प्रवेज़ को सम्भालने और शान्ति बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपदी तथा खुद इसकी जानकारी लगातार एसडीपीओ इमरान परवेज़ से फोन द्वारा लेते रहे।
एसडीपीओ इमरान प्रवेज़ (जो की बिमार चल रहे थे) ने प्रस्थितियों को समझते हुए बिहार थाना, लहेरी थाना तथा पुलिस के जवानो के सहयोग से तुरंत ही मौके पर पहुंचकर स्थिति को समान्य बनाने का कार्य किया जिसमे बिहारशरीफ के कुछ सामाजिक संगठनों ने भी शान्ति बनाए रखने मे अपना योगदान देने का काम किया।
परंतु असल प्रस्थिति जो अगले दिन बिगड़ी जब एक बेकसूर राहगीर मो०आतिफ़ मलिक, पिता : मरहुम/स्वर्गीय मो० आसिफ़ मलिक, निवासी: बड़ीदरगाह जो की झड़प के दौरान घायल हो गया था और उसका भी इलाज बिहारशरीफ सदर अस्पताल मे चल रहा था उसको अगले दिन 30/07/2020 को पुलिस ने गिरफ्तार करके कैदी वार्ड मे रख दिया ।
जैसे ही इसकी खबर मो०आतिफ़ की माँ द्वारा बिहारशरीफ के समाज सेवियों मो० शारिक उर्फ सोनु, एस. एम. ईसलामुल हक उर्फ़ मो. अरसद जेन, तसव्वर हसन उर्फ मो. बम्मी , मो सैफुल्लाह उर्फ कैप्टन तथा मो. तालिब मलिक को दि गयी सभी ने अपने स्तर से बेकसूर मो. आतिफ़ मलिक को जेल जाने और कैरियर खराब होने से बचाने के लिए प्रयास शुरु कर दिया।
इस मे इंस्पेक्टर मुश्ताक साहब ने मार्गदर्शक का काम किया और इन सबों को ये मशवरा दिया के सब से पहले वर्य पदाधिकारियों को इसकी जानकारी देने का काम करो और सच बताओ।
इंस्पेक्टर मुशताक साहब के मार्गदर्शन के कारण सभी ने किसी तरह इस बात की जानकारी एसडीपीओ इमरान प्रवेज़ सर तक पहुंचाने का काम किया और एसडीपीओ इमरान प्रवेज़ सर ने इस बात से नालंदा एस.पी. श्री निलेश कुमार सर को अवगत कराने का काम किया जिस के कारण नालंदा एस.पी. ने एसडीपीओ इमरान सर को इस की जाँच करके सच्चाई पता बेकसूर के साथ न्याय करने का आदेश दिया। बाद मे जाँच में ये पाया गया के मो.आतिफ़ मलिक अपने घर बड़ीदरगाह के लिए जारहा था और इस झड़प मे उसका कोई हाँथ नही है जिसके बाद नालंदा एस.पी. निलेश कुमार के आदेश से मो. अतिफ़ मलिक को छोड़ दिया गया और इस प्रकार नालंदा पुलिस द्वारा एक बेकसूर बच्चे का कैरियर बरबारद होने से बच गया।
इस न्याय के लिए मो. आतिफ़ मलिक की माँ और परिवार जनो ने नालंदा पुलिस एस.पी. निलेश कुमार, एसडीपीओ इमरान प्रवेज़, इंस्पेक्टर मुश्ताक सर तथा समाज सेवियों मो. शारिक उर्फ़ सोनु, एस.एम.ईसलामुल हक उर्फ मो. अरसद, तसव्वर हसन उर्फ बम्मी, मो. सैफुल्लाह उर्फ कैप्टन तथा मो. तालिब मलिक को धन्यवाद कहा और दोआऐं देने का काम किया है।
इस कार्य के लिए नालंदा जिला वासियों द्वारा पुरे जिले मे नालंदा पुलिस तथा समाज सेवियों की सराहना की जारही है ।


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