ज़मीन बेच कर बूढ़े बाप अपने बेटे के कैंसर का इलाज के लिए भरे बैग के पैसे खो दिया-शारिक को जैसे ही बैग मिला उस बूढ़े किसान तक पहुंचाया।
शारिक नाम व्यक्ति ने 3 लाख 50 हज़ार से भरा बैग जो खो गया था, बूढ़े किसान रवी शंकर को दिन भर में ढून्ढ कर उन तक पहुंचाया!
*ये शारिक हैं!*
*इलाहाबाद* के नाजरेथ अस्पताल के पास इन्हे एक बैग मिला, जिसमे 3 लाख 50 हज़ार रुपये थे!
शारिक ने बैग मालिक को पूरा दिन ढूंढा! पर नही मिला
फिर देखा कि एक बूढ़ा किसान आंखों में आंसू लिए पागलो की तरह कुछ ढूंढ रहा था!
*शारिक* ने जब पूछा तो पता चला बैग उन्ही का है!
*शारिक* ने बैग लौटाया तो किसान ने बताया कि उनका नाम *रवि शंकर* है! जमीन बेच कर अपने बेटे का कैन्सर का एलाज़ कराने आये थे! *शारिक* को रवि शंकर ने पचास हज़ार रुपये बतौर ख़ुशी से इनाम देने की पेशकश भी करते हैं!
लेकिन *शारिक* ने कहा कि बेटे का इलाज कराइये! बेटा सही हो जाये वही हमारा इनाम होगा!
*इलाहाबाद* के नाजरेथ अस्पताल के पास इन्हे एक बैग मिला, जिसमे 3 लाख 50 हज़ार रुपये थे!
शारिक ने बैग मालिक को पूरा दिन ढूंढा! पर नही मिला
फिर देखा कि एक बूढ़ा किसान आंखों में आंसू लिए पागलो की तरह कुछ ढूंढ रहा था!
*शारिक* ने जब पूछा तो पता चला बैग उन्ही का है!
*शारिक* ने बैग लौटाया तो किसान ने बताया कि उनका नाम *रवि शंकर* है! जमीन बेच कर अपने बेटे का कैन्सर का एलाज़ कराने आये थे! *शारिक* को रवि शंकर ने पचास हज़ार रुपये बतौर ख़ुशी से इनाम देने की पेशकश भी करते हैं!
लेकिन *शारिक* ने कहा कि बेटे का इलाज कराइये! बेटा सही हो जाये वही हमारा इनाम होगा!
इस कार्य का लोग सराहना कर रहे हैं।

0 Comments