।।एक शख्सियत।। 

 आज हम आपको एक ऐसे शख्सियत के बारे में बतलाने जा रहा जो जहा भी कार्य किये अपनी ईमानदारी, कर्तव्य व जिम्मेदारी को कभी नही भूले .. तन आज हम बातें उस शख्स का करने जा रहे जो अपनी ईमानदार छबि की वजह से 2010 में दरोगा ( सब इंस्पेक्टर ) की नौकरी छोड़ विधानसभा चुनाव निर्दलीय जीत कर पूरे देश में सनसनी मचा देते है और हर देश वासी इनके बारे में जानने को उत्सुक हो जाता है कि ऐसा तो फिल्मों में होता है, यह हकीकत में कैसे हो गया ? वह भी उस दौरान जब बिहार में एनडीए की शासन अपने पूरे शबाब पर हो और वह भी तब जब लालू जैसे दिग्गज की पार्टी इस चुनाव में कही नही दिख रही हो। चुनाव परिणाम एक तरफा सा हो ... 
अब आप समझ गये होंगे कि हम बाते ओबरा विधानसभा चुनाव जीते पूर्व विधायक सोम प्रकाश जी का करने जा रहा हूँ। सोम प्रकाश जी का दरोगा से विधायक बनने तक का सफर कोई आसान सफर नही है लेकिन कहा जाता है ना कि आप जब कर्तव्य प्रथम भावना को आगे रख कर कोई भी कार्य करते है तो लोगो का प्यार एवं मंजिल जरूर मिल जाती है। हां इस में अड़चनें भी बहुत आती है बहुत से सगे सम्बन्धी नरुष्ट भी होते है तो कभी जान जोखिम में भी नजर आने लग जाती और फिर कितने अपने इष्ट मित्रो के सलाह बाद बीच रास्ते से ही सफर बन्द कर लौट आते है और जो नही लौटते वह सोम प्रकाश की तरह जनता का हीरो बन छा जाते है और फिर जनता उनको सर माथे पर रख उस जगह पहुंचा देती है जहा पहुंचने का ख्वाब ना जाने कितने तिजोरी वाले तिजोरिया लुटवाने के बाद भी नही पहुंच पाते ...
1994 बैच चयनित दरोगा सोम प्रकाश जी जहा भी पोस्टिंग पर गये वहा वे एक अलग पहचान बनाए उस विभाग में रहते हुये इसका नाम आते ही लोगो में पहला प्रतिक्रिया बहुत ही नकरात्मक होता है लेकिन सोम प्रकाश जी उस विभाग में भी रहते हुये बेदाग निकले जहा से बेदाग निकलना नामुकिन सा होता है। सोम प्रकाश का यही खूबी ओबरा थाना प्रभारी रहते हुये वरदान साबित हुआ जहा वे अपनी नियुक्ति बाद के समय से ही चर्चित होने लगे। चाहे खाली समयों में सरकारी विद्यालयों में पढ़ाने लगना या जो भी थाना में लड़ाई झगड़ा का मामला आता उसे अपनी सूझबूझ से हल करवा कर दोनों पक्षों में सुलह करा देना या अपने अधिनस्त कार्य करने वालो सही मार्गदर्शन देते हुये गलत कार्यो में लिप्त होने से बचने की .... शायद यही सब वजह ओबरा वासियों को भा गया और उसने एक अभूतपूर्व निर्णय लिया और सोम प्रकाश जी को उस समय चुनाव जीतवा कर विधानसभा भेज दिया जब भाजपा जदयू की सरकार अपनी चरम सीमा पर थी ... बस कल्पना ही कर सकते है , जब चुनावों में प्रत्यासी लाखो लुटा देते है , वैसे चुनाव में सोम प्रकाश जी जैसे लोग जनता से मिले चंदा से चुनाव जीत कर पूरे देश में तहलका मचा देते हैं श।