भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय टीम के आह्वान पर भारतीय मजदूर संघ (BMS)के बिभिन्न सम्बद्ध यूनियनों के द्वारा 24 जुलाई से 31 जुलाई तक केंद्र और बिहार सरकार के    मजदूर विरोधी उधोग विरोधी निर्णयों के खिलाफ सरकार जगाओ शप्ताह का आयोजन किया जाएगा bms नालन्दा के द्वारा वैश्विक महामारी को ध्यान में रखते हुए दिनांक 27 जुलाई को संगठित मजदूर अर्थात आयुद्ध निर्माणी रेलबे पोस्टल राज्य कर्मचारी के द्वारा सांकेतिक विरोध किया जाएगा वही 30 जुलाई को असंगठित मजदूर एवं स्कीम वर्कर जैसे आशा आंगनवाड़ी वीडी मजदूर ठेका मजदूर निर्माण जीविक आदि मजदूर के द्वारा कार्यक्रम किया जाएगा
विभाग संगठनमंत्री अशोक कुमार ने बताया कि  bms   काम के घण्टा बढ़ाने सहित विभिन्न श्रमिक कानून में किया गया बदलाब सरकार के  के मनसा को बतलाता है कि सरकार श्रमिक विरोधी और पुंजिपतियो का समर्थक है


Bms मुख्य रूप से 1 प्रबाशी श्रमिको के लिये राष्ट्रीय रजिस्टर का निर्माण
2 सरकारी उत्पादक इकाई  जैसे रेल आयुद्ध निर्माणियों आदि के निगमीकरण को वापस लेने
3 PSU यथा BSNL भेल गेल भारत पेट्रोलियम आदि में विनिवेश रोकने
4 स्कीम वर्कर (आशा मनरेगा आदि)को सरकारी कर्मचारी घोषित करने
5 बिभिन्न राज्य सरकारों के द्वारा श्रमिक कानून के स्थगन को वापस लेने
सहित विभिन्न समस्यों के समाधान हेतु विरोध करेगी