सोगरा वक्फ़ स्टेट मे नई कमीटी के दागदार सदस्यों तथा नायब की न्युक्ति गलत: एस. एम. इसलामुल हक
विषय: सोगरा वक्फ़ स्टेट मे वक्फ़ नामे के विरुद्ध सदस्यों तथा नयब की न्युक्ति के संबंध मे।
प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया गया कि कुछ दिनो पहले बीबी सोगरा वक्फ़ स्टेट मे नाई कमीटी का गठन हुआ है जिसमे मुख्यतः वक्फ़ नामे के विरुध्द अपराधिक प्रविर्ती के लोगों यहाँ तक की हत्या के आरोपों तक को सोगरा वक्फ़ स्टेट का सदस्य बना दिया गया है जो की बिलकुल ही वक्फ़ नामे के विरूद्ध है।
जाँच करने पर पता चला की बहौत सारी न्युक्ति सोगरा वक्फ़ स्सेट तथा सुन्नी वक्फ़ बोर्ड, पटना द्वारा मनमाने तथा बीबी सोगरा के वक्फ़ नामे के विरुध कर दी गयी है जिस मे अपराधियों को सदस्य तथा नायब अव्वल (उप प्रथम) तथा नायब दोम (उप दिव्तीय) की न्युक्ति जो की कमीटी के मिटिंग द्वारा बनाए जाते हैं मनमाने ढंग से सुन्नी वक्फ़ बोर्ड, पटना ने कर दी है जो की सरासर वक्फ़ नामे के विरुद्ध है और इन सब न्युक्ति से मुसलिम समाज को ये मैसेज जारहा है की मान्य मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार के पदाधिकारियों की मिलीभगत से गरीब मुसलमानों, अल्पसंख्यकों तथा भारत के सभी धर्मों के मजबुर गरीब लोगों की मदद के लिए बने बीबी सोगरा वक्फ़ स्टेट मे भी अपराधियों की उपस्थिति शुरु की जारही है जिस मे सुन्नी वक्फ़ बोर्ड की तरह संलिप्तता ज़ाहिर हो रही है।
मुझे किसी सदस्य या नायब की न्युक्ति से परेशानी नही है अगर सबकी न्युक्ति वक्फ़ नामे ( बीबी सोगरा ने जो कानुन बनाकर ट्रस्ट बनाया है) के अंतर्गत हुई है तो और अगर वक्ब़ नामे के विरूद्ध सदस्यों तथा नायब की न्युक्ति मनमाने ढंग से की गयी है तो मै इसके विरुद्ध जिलाधिकारी, नालंदा, सुन्नी वक्फ़ बोर्ड, पटना तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक इसकी शीकायत दर्ज करुंगा और जाँच की माँग करुंगा ।
अगर यहाँ से भी न्याय नही मिला तो इस बात को कोर्ट लेजाऊंगा और सुन्नी वक्फ़ स्टेट , पटना तथा सोगरा स्टेट मोतवल्ली को इस मे पार्टी बनाकर इसकी जाँच करने की माँग करुंगा।
मैं अपने चंद सवालों के जवाब सुन्नी वक्फ़ बोर्ड, पटना के चेयरमैन इर्शादुल्ला साहब तथा सोगरा स्टेट मोतवल्ली सयद शरफ़ साहब से चाहता हुँ:-
1) क्या वक्फ़ नामे मे शराबी, जुआरी, ठेकेदार, ज़मीन के दलाल यहाँ तक की हत्या के आरोपियों को सोगरा स्टेट का सदस्य बनाने की इजाज़त है..??
2) क्या वक्फ़ नामे मे परिवारवाद के अंतरगत पिता -पुत्र को सदस्य बनाने की इजाजात है..??
3) क्या सुन्नी वक्फ़ बोर्ड को नयब अव्वल (उप प्रथम) तथा नायब दोम ( उप दिव्तीय) की सीथी न्युक्ति का आदेश है या कमीटी द्वारा मिटिंग के उपरांत सहमति से इन दोनो पदों की न्युक्ति का आदेश है..??
4) क्या सदस्यों तथा नयबों (उप) को न्युक्ति से पहले उनकी अपराधिक रिकार्ड तथा उनके द्वारा किये जारहे कार्यों की जानकारी ली गयी है जिस से की ये पता लगे की वो सदस्य बन ने योग्य हैं या नही हैं।
5) जो भी सदस्य या नायब बनाए गये हैं उनसे कोर्ट का एफिडेविट क्युं नही ले लिया गया के उनके उपर पुलिस एफआईआर या कोई केस कोर्ट मे चल रहा है या नही..?
जहाँ तक मेरी जानकारी से ये पता चला है की बीबी सोगरा द्वारा सोगरा वक्फ़ स्सेट बनाने समय ये वक्फ़ नामे मे लिखवाया गया है की कोई भी अपराधी या अपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति या कोई जुआरी, शराबी, ठेकेदार, चोर ,डकैत, हत्यारा इत्यादि सोगरा वक्फ़ स्टेट मे सदस्य नही बन सकता और नयाब अव्वल तथा नायब दोम की न्युक्ति सोगरा स्टेट की कमीटी द्वारा चयन करके की जाएगी मगर जाँच के उपरांत ये पता लगा है की यहाँ सोगरा वक्फ़ स्सेट में की गयी सदस्यों तथा नयबों की न्युक्ति वक्फ़ नामे के खिलाफ़ मनमाने ढ़ंग से की गयी है ये जाँच का विषय है।
इस के खिलाफ़ मैं एस.एम.इसलामुल हक , जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ, लोक जनशक्ति पार्टी,नालंदा नालंदा से लेकर पटना तक आवाज़ उठाने का काम करूंगा और जरुरत पड़ी तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का काम करुंगा। गरीबों के मदद के लिए बनाई गयी सोगरा वक्फ़ स्टेट मे सुन्नी वक्फ़ बोर्ड, पटना या किसी और को भी मनमानी करने या वक्फ़ नामे के विरुद्ध परिवारवाद, गुंडो अपराधियों की न्युक्ति करने नही दुंगा ।
मैं जिलाधिकारी नालंदा तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इसकी जाँच करने की माँग करता हुं और बहौत जल्द सर्वदलीय मुलाकात करके लिखितरुप से इसके जाँच की माँग करुंगा। साथ ही सभी समाजसेवी संगठनों से भी निवेदन है की इस के खिलाफ़ आवाज उठाने का काम करें और सोगरा वक्फ़ स्टेट मे गलत लोगों की न्युक्ति तथा मनमानी के खिलाफ़ एकजुट होकर विरोध करें।
विषय: सोगरा वक्फ़ स्टेट मे वक्फ़ नामे के विरुद्ध सदस्यों तथा नयब की न्युक्ति के संबंध मे।
प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया गया कि कुछ दिनो पहले बीबी सोगरा वक्फ़ स्टेट मे नाई कमीटी का गठन हुआ है जिसमे मुख्यतः वक्फ़ नामे के विरुध्द अपराधिक प्रविर्ती के लोगों यहाँ तक की हत्या के आरोपों तक को सोगरा वक्फ़ स्टेट का सदस्य बना दिया गया है जो की बिलकुल ही वक्फ़ नामे के विरूद्ध है।
जाँच करने पर पता चला की बहौत सारी न्युक्ति सोगरा वक्फ़ स्सेट तथा सुन्नी वक्फ़ बोर्ड, पटना द्वारा मनमाने तथा बीबी सोगरा के वक्फ़ नामे के विरुध कर दी गयी है जिस मे अपराधियों को सदस्य तथा नायब अव्वल (उप प्रथम) तथा नायब दोम (उप दिव्तीय) की न्युक्ति जो की कमीटी के मिटिंग द्वारा बनाए जाते हैं मनमाने ढंग से सुन्नी वक्फ़ बोर्ड, पटना ने कर दी है जो की सरासर वक्फ़ नामे के विरुद्ध है और इन सब न्युक्ति से मुसलिम समाज को ये मैसेज जारहा है की मान्य मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार के पदाधिकारियों की मिलीभगत से गरीब मुसलमानों, अल्पसंख्यकों तथा भारत के सभी धर्मों के मजबुर गरीब लोगों की मदद के लिए बने बीबी सोगरा वक्फ़ स्टेट मे भी अपराधियों की उपस्थिति शुरु की जारही है जिस मे सुन्नी वक्फ़ बोर्ड की तरह संलिप्तता ज़ाहिर हो रही है।
मुझे किसी सदस्य या नायब की न्युक्ति से परेशानी नही है अगर सबकी न्युक्ति वक्फ़ नामे ( बीबी सोगरा ने जो कानुन बनाकर ट्रस्ट बनाया है) के अंतर्गत हुई है तो और अगर वक्ब़ नामे के विरूद्ध सदस्यों तथा नायब की न्युक्ति मनमाने ढंग से की गयी है तो मै इसके विरुद्ध जिलाधिकारी, नालंदा, सुन्नी वक्फ़ बोर्ड, पटना तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक इसकी शीकायत दर्ज करुंगा और जाँच की माँग करुंगा ।
अगर यहाँ से भी न्याय नही मिला तो इस बात को कोर्ट लेजाऊंगा और सुन्नी वक्फ़ स्टेट , पटना तथा सोगरा स्टेट मोतवल्ली को इस मे पार्टी बनाकर इसकी जाँच करने की माँग करुंगा।
मैं अपने चंद सवालों के जवाब सुन्नी वक्फ़ बोर्ड, पटना के चेयरमैन इर्शादुल्ला साहब तथा सोगरा स्टेट मोतवल्ली सयद शरफ़ साहब से चाहता हुँ:-
1) क्या वक्फ़ नामे मे शराबी, जुआरी, ठेकेदार, ज़मीन के दलाल यहाँ तक की हत्या के आरोपियों को सोगरा स्टेट का सदस्य बनाने की इजाज़त है..??
2) क्या वक्फ़ नामे मे परिवारवाद के अंतरगत पिता -पुत्र को सदस्य बनाने की इजाजात है..??
3) क्या सुन्नी वक्फ़ बोर्ड को नयब अव्वल (उप प्रथम) तथा नायब दोम ( उप दिव्तीय) की सीथी न्युक्ति का आदेश है या कमीटी द्वारा मिटिंग के उपरांत सहमति से इन दोनो पदों की न्युक्ति का आदेश है..??
4) क्या सदस्यों तथा नयबों (उप) को न्युक्ति से पहले उनकी अपराधिक रिकार्ड तथा उनके द्वारा किये जारहे कार्यों की जानकारी ली गयी है जिस से की ये पता लगे की वो सदस्य बन ने योग्य हैं या नही हैं।
5) जो भी सदस्य या नायब बनाए गये हैं उनसे कोर्ट का एफिडेविट क्युं नही ले लिया गया के उनके उपर पुलिस एफआईआर या कोई केस कोर्ट मे चल रहा है या नही..?
जहाँ तक मेरी जानकारी से ये पता चला है की बीबी सोगरा द्वारा सोगरा वक्फ़ स्सेट बनाने समय ये वक्फ़ नामे मे लिखवाया गया है की कोई भी अपराधी या अपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति या कोई जुआरी, शराबी, ठेकेदार, चोर ,डकैत, हत्यारा इत्यादि सोगरा वक्फ़ स्टेट मे सदस्य नही बन सकता और नयाब अव्वल तथा नायब दोम की न्युक्ति सोगरा स्टेट की कमीटी द्वारा चयन करके की जाएगी मगर जाँच के उपरांत ये पता लगा है की यहाँ सोगरा वक्फ़ स्सेट में की गयी सदस्यों तथा नयबों की न्युक्ति वक्फ़ नामे के खिलाफ़ मनमाने ढ़ंग से की गयी है ये जाँच का विषय है।
इस के खिलाफ़ मैं एस.एम.इसलामुल हक , जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ, लोक जनशक्ति पार्टी,नालंदा नालंदा से लेकर पटना तक आवाज़ उठाने का काम करूंगा और जरुरत पड़ी तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का काम करुंगा। गरीबों के मदद के लिए बनाई गयी सोगरा वक्फ़ स्टेट मे सुन्नी वक्फ़ बोर्ड, पटना या किसी और को भी मनमानी करने या वक्फ़ नामे के विरुद्ध परिवारवाद, गुंडो अपराधियों की न्युक्ति करने नही दुंगा ।
मैं जिलाधिकारी नालंदा तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इसकी जाँच करने की माँग करता हुं और बहौत जल्द सर्वदलीय मुलाकात करके लिखितरुप से इसके जाँच की माँग करुंगा। साथ ही सभी समाजसेवी संगठनों से भी निवेदन है की इस के खिलाफ़ आवाज उठाने का काम करें और सोगरा वक्फ़ स्टेट मे गलत लोगों की न्युक्ति तथा मनमानी के खिलाफ़ एकजुट होकर विरोध करें।

0 Comments