विश्व पर्यावरण दिवस के दिन कबीर जयंती।
बिहारशरीफ। स्वराज पार्टी लोकतांत्रिक के जिला सचिव संजय कुमार ने कहा कि आज विश्व पर्यावरण दिवस के दिन ही पूर्णिमा होने के कारण कबीर जी कि जयंती भी आज ही के दिन मनाया जा रहा है। (इनका जन्म संवत् 1455 के जेठ शुल्क पुर्णिमा को हुआ था) आज विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर कबीर का हर शब्द आज के परिस्थिति में फिट बैठता है। कबीर सभी धर्मों में समान रूप से मानने वाले लोग थे। जिसमें खासकर हिंदू और मुसलमान दोनों अधिक मात्रा में इनको मानते थे। इनकी मृत्यु पर भी बहस छिड़ गया था हिंदू कह रहे थे कि शव का दाह संस्कार हमारे रीति रिवाज से हो और मुसलमान कह करे थे हमारे रीति रिवाज से हो। दोनों का अपना-अपना सोच है। इसी बीच उनके शव से चादर हटाकर देखने पर देखा गया कि वहां तो फूल ही फूल नजर आ रहा है। दोनों शांत हुए और आधा आधा फुल लेकर अपने अपने रीति रिवाज से दाह संस्कार किए। प्राकृतिक सिखाता है कि समय के अनुसार चलें। श्री कुमार ने कहा कि आने वाला समय और भी कठीनायों भरा होगा इसलिए पर्यावरण से छेड़छाड़ ना करते हुए हर वो खाली जगह जहां लोग कुछ भी उपयोग नहीं कर रहे हैं वहां पेड़ अवश्य लगाएं।
विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण हेतु पूरे विश्व में मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने की घोषणा संयुक्त राष्ट्र ने पर्यावरण के प्रति वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक जागृति लाने हेतु वर्ष 1972 में की थी।
बिहारशरीफ। स्वराज पार्टी लोकतांत्रिक के जिला सचिव संजय कुमार ने कहा कि आज विश्व पर्यावरण दिवस के दिन ही पूर्णिमा होने के कारण कबीर जी कि जयंती भी आज ही के दिन मनाया जा रहा है। (इनका जन्म संवत् 1455 के जेठ शुल्क पुर्णिमा को हुआ था) आज विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर कबीर का हर शब्द आज के परिस्थिति में फिट बैठता है। कबीर सभी धर्मों में समान रूप से मानने वाले लोग थे। जिसमें खासकर हिंदू और मुसलमान दोनों अधिक मात्रा में इनको मानते थे। इनकी मृत्यु पर भी बहस छिड़ गया था हिंदू कह रहे थे कि शव का दाह संस्कार हमारे रीति रिवाज से हो और मुसलमान कह करे थे हमारे रीति रिवाज से हो। दोनों का अपना-अपना सोच है। इसी बीच उनके शव से चादर हटाकर देखने पर देखा गया कि वहां तो फूल ही फूल नजर आ रहा है। दोनों शांत हुए और आधा आधा फुल लेकर अपने अपने रीति रिवाज से दाह संस्कार किए। प्राकृतिक सिखाता है कि समय के अनुसार चलें। श्री कुमार ने कहा कि आने वाला समय और भी कठीनायों भरा होगा इसलिए पर्यावरण से छेड़छाड़ ना करते हुए हर वो खाली जगह जहां लोग कुछ भी उपयोग नहीं कर रहे हैं वहां पेड़ अवश्य लगाएं।
विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण हेतु पूरे विश्व में मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने की घोषणा संयुक्त राष्ट्र ने पर्यावरण के प्रति वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक जागृति लाने हेतु वर्ष 1972 में की थी।

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