पुलिस के भ्रष्टाचार के विरूद्ध चरणबद्ध आंदोलन करेगी स्वराज पार्टी।

 औरंगाबाद। स्वराज पार्टी ने आज एक प्रेस कांफ्रेंस कर बयान जारी करते हुए कहा कि स्वराज पार्टी के गठन का उद्देश्य ही आम जनता व दबे-कुचले लोगों की लङाई लड़ना था एवं पार्टी सङक से संसद तक जन जागरण करते हुए भ्रष्टाचार के विरुद्ध लङाई भी लड़ते आयी है। स्वराज पार्टी, शासन-प्रशासन के भय से भ्रष्टाचार की लङाई रूकने वाली नहीं है। परन्तु यह बात औरंगाबाद के पुलिस कप्तान श्री दीपक वर्णवाल के समझ में नहीं आ रही है।


जब पुलिस कप्तान दीपक वर्णवाल के भ्रष्टाचारों को पार्टी अध्यक्ष सोम प्रकाश ने उजागर करना शुरू किया तो पहले श्री वर्णवाल ने कोशिश किया कि इस नेता को भी मैनेज कर लें। किन्तु वे भूल गए कि सोम प्रकाश अपनी ईमानदारी के लिए ही जाने जाते हैं। मैनेज में असफल होने पर श्री वर्णवाल ने सोम प्रकाश के विरुद्ध झूठा मुकादमा दर्ज करवा दिया। बदले की भावना में अँधा हो चुके कप्तान को यह भी समझ में नहीं आया कि जिस धारा के तहत प्रथिमिकी दर्ज की गई है उसके तहत प्रथिमिकी दर्ज हो ही नहीं सकती, इस प्रकार एक अवैध कार्य कर दिया।


कानून के जानकर रहे और हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक अपना केश स्वयं लड़नेवाले पूर्व दरोगा एवं पूर्व विधायक सोम प्रकाश ने श्री वर्णवाल को सुझाव दिया कि कम से कम धारा ठीक कर लीजिये ताकि केस टिक सके, किन्तु भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे श्री वर्णवाल ने केस वापस लेने के बजाय न्यायालय को भी गुमराह कर जिस धारा में केस नहीं हो सकता था उसी धारा में वारंट एवं कुर्की जब्ती भी ले लिए। पुलिस कप्तान ने सोचा कि इस भय से अब स्वराज पार्टी भ्रष्टाचार की लङाई से पीछे हट जाएगी। परन्तु जिस पार्टी का जन्म ही अन्याय और दमन के खिलाफ लड़ने के लिए हुआ हो वो भला पीछे कैसे हट सकती है?


पार्टी अध्यक्ष ने घोषणा किया कि जब पुलिस के पास वारंट और कुर्की-जब्ती है तो उसके घर की कुर्की-जब्ती कर दे ताकि वे चाहरदिवारी से बाहार होकर बेघर हो जाये। सोम प्रकाश ने कहा कि वो जिंदगी भर जेल में रहेंगे, सङ-मर जायेंगे और वहीँ से अन्याय और दमन के खिलाफ लङाई लड़ते रहेंगे।


पिछले महीने लॉक-डाउन के दौरान गरीबी और भूख से जूझ रहे ओबरा के ललन साह जब अपने घर से 10 समोसा बेंचने के लिए सङक के किनारे खड़े थे तो औरंगाबाद पुलिस ने गरीब ललन साह को मारा-पीटा और जेल ले जाने लगी. खखनना में ललन साह की पत्नी ने पुलिस को घूस देने के लिए गावं–घर से तीन हजार रुपये का कर्ज लेकर पुलिस को घूस देकर अपने पति को छुड़वाया। पहले से ही गरीबी और भूख से जूझ रहे ललन साह ने कर्ज का बोझ हो जाने पर सपरिवार जहर खा लेने की बात पार्टी अध्यक्ष सोम प्रकाश को बतलाया। ललन साह को समझाते हुए तुरंत वे एस पी वो आई जी से बात किये और ललन साह का 3000 रूपया वापस दिलाने और दोषी पुलिस कर्मियों पर भ्रष्टाचार का केश कर जेल भेजने की बात कही। परन्तु भ्रष्टाचार में खुद डूबे पुलिस कप्तान श्री वर्णवाल को यह बात हजम नहीं हुई, दबाव में आकर उन्होंने दोषी पुलिस कर्मियों को सस्पेंड तो कर दिया लेकिन उसी रात लॉक डाउन के नियमों को तोङ कर सोम प्रकाश के घर पर छापेमारी करवाया, ताकि सोम प्रकाश डर जाये और लङाई से पीछे हट जाएँ। परन्तु जिनके साथ हजारों लोग अपनी जान की बाजी लगाने के लिए तैयार हो वो पीछे कैसे हट सकता है?


अपने देश के कानून का सम्मान करते हुए सोम प्रकाश ने शासन–प्रशासन के सभी उच्च पदाधिकारियों को विधिवत सूचित करते हुए भ्रष्ट पुलिस कप्तान श्री दीपक वर्णवाल पर कारवाई की मांग किया ताकि भ्रष्टाचार से  त्रस्त जनता को राहत मिल सके। परन्तु श्री वर्णवाल पर कोई कारवाई होते नहीं दिख रही है और उनके भ्रष्टाचार का खेल आज भी जारी है।


इसलिए हम स्वराज पार्टी के लोग पुनः शासन-प्रशासन से भ्रष्ट पुलिस अधिकारी दीपक वर्णवाल पर किसी प्रत्यक्ष कारवाई (औरंगाबाद से तबादला) होने तक निम्नांकित कार्यक्रमों के साथ आन्दोलन का संकल्प लेते हैं।



*आन्दोलन का कार्यक्रम*
1. दिनांक 29.06.2020 सोमवार को औरंगाबाद समाहरणालय का घेराव।

2. दिनांक 30.06.2020, दिन मंगलवार की शाम को औरंगाबाद जिले में मशाल जुलूस।

3. दिनांक 01.07.2020 दिन बुधवार को औरंगाबाद जिला बंद।

4. दिनांक 08.07.2020, दिन बुधवार को मगध आई जी का घेराव।

5. दिनांक 09.07.2020, दिन गुरुवार की शाम को गया में मशाल जुलूस।

6. दिनांक 10.07.2020, दिन शुक्रवार को गया बंद।

7. दिनांक 15.07.2020, दिन बुधवार को डी जी बिहार के कार्यालय पर प्रदर्शन।

8. दिनांक 16.07.2020, दिन गुरुवार की शाम को पटना में मशाल जुलूस।

9. दिनांक 17.07.2020, दिन शुक्रवार को पटना बंद।