माँ शारदा क्लासेज की ओर से सभी पत्रकार भाइयो को हिंदी पत्रकारिता दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं देते हुए यहाँ के संचालक पत्रकारिता दिवस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहते हैं किहिन्दी पत्रकारिता की कहानी भारतीय राष्ट्रीयता की कहानी है। हिन्दी पत्रकारिता के आदि उन्नायक जातीय चेतना, युगबोध और अपने महत् दायित्व के प्रति पूर्ण सचेत थे। कदाचित् इसलिए विदेशी सरकार की दमन-नीति का उन्हें शिकार होना पड़ा था, 

उसके नृशंस व्यवहार की यातना झेलनी पड़ी थी। उन्नीसवीं शताब्दी में हिन्दी गद्य-निर्माण की चेष्टा और हिन्दी-प्रचार आन्दोलन अत्यन्त प्रतिकूल परिस्थितियों में भयंकर कठिनाइयों का सामना करते हुए भी कितना तेज और पुष्ट था इसका साक्ष्य ‘भारतमित्र’ (सन् 1878 ई, में) ‘सार सुधानिधि’ (सन् 1879 ई.) और ‘उचित वक्ता’ (सन् 1880 ई.) के जीर्ण पृष्ठों पर मुखर है।

वर्तमान में हिन्दी पत्रकारिता ने अंग्रेजी पत्रकारिता के दबदबे को खत्म कर दिया है। पहले देश-विदेश में अंग्रेजी पत्रकारिता का दबदबा था लेकिन आज हिन्दी भाषा का झण्डा चहुंदिश लहरा रहा है। ३० मई को 'हिन्दी पत्रकारिता दिवस' के रूप में मनाया जाता है।

बहुत से बड़े बड़े महानुभावों ने भी अपनी तरफ से पत्रकारिता के विषय पर बहुत ही अनमोल बातो को सभी के सामने रखा है।

👉🏻“खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते”। -कैथरीन ग्राहम

👉🏻“मेरा अब भी मानना है कि यदि आपका लक्ष्य दुनिया बदलना है तो, पत्रकारिता इसके लिए एक फौरी अल्पकालीन औजार है।” –टॉप स्टोपर्ड

👉🏻.”पत्रकारिता में आपकी जान जा सकती है, लेकिन जब तक आप इसमें है यह आपको जिंदा रखेगी”। -होरैस ग्रीले

👉🏻“पत्रकारिता वह चीज है जो लोकतंत्र को चलाए रखने के लिए जरूरी है।”
–वाल्टर क्रोनकाइट

इन बातों को ध्यान में रखते हुए पत्रकार महोदयों को मेरा नमन है।
एक बार फिर माँ शारदा क्लासेज साठोपुर के सभी विद्यार्थियों के तरफ से सभी पत्रकार महोदयों को बहुत शुभकामनाएं।