प्रशिक्षण संस्थान का स्थानांतरित नहीं हो।
बिहारशरीफ। भारतीय रेल जब 1855 मे बिहार के रास्ते प्रवेश किया उसके बाद पहली प्रशिक्षण संस्थान 1888 में स्थापित बिहार के जमालपुर स्थित भारतीय मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग संस्थान को लखनऊ स्थानांतरित करने की खबर प्राप्त हो रही है। आपको पता होगा कि IRIMEE देश के सबसे पुराने केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान में एक है। बिहार सरकार पहले भी इसे रेलवे विश्वविधालय में तब्दील के लिए केंद्र से आग्रह कर चुकी है। इसे स्थान्तरित करने की खबर हर बिहारवासियों के लिए असहनीय है। हम भारत के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और रेल मंत्री पीयूष गोयल जी से अनुरोध करते हैं कि इस आदेश को रोकने के लिए आगे आकर हस्तक्षेप करें। हम इस वक्त पक्ष- विपक्ष सहित सभी बिहारवासियों से भी आग्रह करेंगे कि इस संस्थान को लेकर प्रदेश की आवाज बनें, जिससे सरकार अपने रुख को स्पष्ट कर सके।
स्वराज पार्टी लोकतांत्रिक के जिला सचिव संजय कुमार ने बताया और कहा कि आम जनता कोरोना वायरस डीजिज-19 से बचने बचाने में लगा हुआ और देश के सबसे बड़े रेलवे में उलट फेर के चक्कर में लगा हुआ है। श्री कुमार ने कहा कि बिहार में रोजगार के अवसर प्रदान करने का समय है। केन्द्र सरकार और राज्य सरकार मिल बैठकर बिहार के बारे में कुछ अच्छा सोच बना कर कंपनियों का स्थापना करे ताकि यहां के श्रमिक कामगारों को यही रोजगार मिल सके।
बिहारशरीफ। भारतीय रेल जब 1855 मे बिहार के रास्ते प्रवेश किया उसके बाद पहली प्रशिक्षण संस्थान 1888 में स्थापित बिहार के जमालपुर स्थित भारतीय मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग संस्थान को लखनऊ स्थानांतरित करने की खबर प्राप्त हो रही है। आपको पता होगा कि IRIMEE देश के सबसे पुराने केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान में एक है। बिहार सरकार पहले भी इसे रेलवे विश्वविधालय में तब्दील के लिए केंद्र से आग्रह कर चुकी है। इसे स्थान्तरित करने की खबर हर बिहारवासियों के लिए असहनीय है। हम भारत के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और रेल मंत्री पीयूष गोयल जी से अनुरोध करते हैं कि इस आदेश को रोकने के लिए आगे आकर हस्तक्षेप करें। हम इस वक्त पक्ष- विपक्ष सहित सभी बिहारवासियों से भी आग्रह करेंगे कि इस संस्थान को लेकर प्रदेश की आवाज बनें, जिससे सरकार अपने रुख को स्पष्ट कर सके।