राजस्थान मे फंसे हैं 9-10 वर्ष के छोटे बच्चे यहाँ माँ-बाप और वहाँ बच्चों का रो रो कर है बुरा हाल:-
आज जब बिहार के मुख्यमंत्री दुसरे प्रदेशों मे फंसे विधार्थियों तथा बिहारी मज़दुरों को बिहार सकुशल बिहार लाने के लिए हर सम्भव कोशिश कर रहे हैं वहीं मुख्यमंत्री के गृह जिले नालंदा के 9-10 वर्ष के राजस्थान मे फंसे छोटे बच्चों के लिए कोई सुनवाई नही हो पा रही है।
अभिभावक जिले सभी पदाधिकारियों के दरवाजे पर फर्याद करके थक चुके हैं और मुख्यमंत्री नितीश कुमार से सवाल कर रहे की क्या उनके द्वारा दिये आदेश सब दिखावा है और नही तो हमे राजस्थान मे फंसे हमारे बच्चों को अपने निजी वाहन से लाने के लिए पास क्युं निर्गत नही किया जा रहा जबकी हमने पास के लिए आवेदन दिया जिसे अमान्य कर दिया गया।
ज्ञात हो की राजस्थान मे नालंदा जिले के हिस्ला प्रखंड के अख्तियारपुर के रहने वाले दम्पति के 9-10 वर्ष आयु पुत्र रचित राज सैनिक स्कुल की तय्यारी सिकर (राजस्थान) मे एक निजी संस्था मे रहकर कर रहे थे और तभी लॉकडाउन हो जाने के कारण वहाँ नालंदा जिले के दो बच्चे फंस गये हैं। संस्था के डायरेक्टर द्वारा परिवार को बार बार बच्चो को घर ले जाने के लिए बार बार फोन और मेल द्वारा सुचना दी जरही है और बच्चा अवसादग्रस्त न हो जाये इसकी सम्भावना व्यक्त करते हुए ले जाने की बात कहा जारहे हैं साथ ही नही ले जाने पर बच्चे की कोई जिम्मेदारी नही लेने की बात भी संस्था के द्वारा कही गयी है।
उधर बच्चों का रो रो कर बुरा हाल है इधर माता पिता का, मगर नालंदा जिले के पदाधिकारियों को इस से कोई फर्क नही पड़ता वो तो उपर से आदेश नही है कहकर अपना पलड़ा झाड़ रहे हैं।
शायद ये नवादा मे एसडीओ को सस्पेंड किये जाने के कारण भय से नालंदा के पदाधिकारी भी पास देने से कन्नी काटने मे लगे हैं जबकी मुख्यमंत्री का आदेश पास बनाने का पहले ही जारी हो चुका है।
अगर इन अभिभावकों को अपने निजी वाहन से बच्चों को लाने के लिए प्रमिशन नही दिया गया तो हो सकता है के माता पिता या पुत्र मे से किसी के साथ कुछ बुरा न हो जाये।
जो बच्चे फंस हैं उनका विवरण...
राजस्थान के सिकर जिले मे न्यु सिकर एकेडमी मे फंसे हैं सभी बच्चे
1. रचित राज उम्र
10 वर्ष
(हिल्सा, नालंदा)
2. आर्यन राज
उम्र 10 वर्ष
(सारे, नालंदा)


