लौकडाउन 3.0 में हालत बद से बदतर-दो वक्त की रोटी भी नही मिल पा रही है लोगों को।

बिहारशरीफ - कोरोना वायरस के प्रकोप दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा जिसको लेकर सरकार के पास सिर्फ लॉक डॉन के अलावा कोई दूसरा विकल्प खास नहीं दिख रहा है। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ग्रह नालंदा जिले में बच्चों 10 से 12 साल के बच्चे ठेला लेकर सड़कों पर कोई नाम रोटी तो कोई आम तो कोई सब्जियां बेचने निकले हैं। हालात बद से बदतर करोना महामारी से ज्यादा डर लोगों को भूख और प्यास सता रहा है। हम करें भी तो क्या करें करोना से डरे या भूख डरे। बिहारशरीफ के कई इलाके में देखा जा रहा है कि छोटे-छोटे बच्चे ठेले पर सब्जियां एवं फल लेकर बेचने चलते हैं मगर हालात यह है की खरीदारी के लिए लोग तो सड़कों पर दिखते भी नहीं और इनका गुजारा चलने का कोई और विकल्प भी नहीं सरकार इस पर किसी भी तरह का कोई खास ध्यान देने का विकल्प नहीं बना रही है अगर लॉग डॉन इसी तरह से बढ़ाने का विकल्प सरकार के पास हो तो करो ना से कम मगर भूखमरी से मरने वालों की लाशों की कमी नहीं रहेगी