सोशल मीडिया पर झूठी खबरों पर पाबंदी लगाए सरकार....

वर्तमान परिवेश या स्थिति में सोशल मीडिया पर समाचार हो या अन्य किसी जानकारी हो बिना जांच-पड़ताल के पोस्ट कर दिया जाता है और लोग सही मानकर शेयर करने लगते हैं, जिससे समाज में हिंसा पैदा हो जाता है और लोग इस को सच मान लेते हैं। अगर आप पॉलीटिशियन या सामाजिक या प्रशासनिक खबर हो इसको आपने देखा होगा कि कहीं ना कहीं कुछ ना कुछ लिखने में जरूर त्रुटि होती हैं ,इसी के चलते आज लोग मीडिया पर भरोसा करना छोड़ दिए हैं.. जिसका कारण है, सोशल मीडिया


मीडिया कहे तो एक माध्यम एक जरिया होता है, लोगों तक खबर पहुंचाने का लेकिन वर्तमान की स्थिति देखते हुए लोग ज्यादा एक्टिव सोशल मीडिया पर ही रहते  हैं ।जिससे लोगों को तुरंत अपडेट तो मिल जाती है ।लेकिन कहां गलती है कहां सही है, यह समझना मुश्किल हो जाती है।
 इसलिए जो पत्रकार को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का दर्जा दिया गया है। यूं कहें देश के आजादी दिलाने के लिए जितने सारे नेता लोग  योगदान दिए है, उतना ही पत्रकार का भी दिए है । लेकिन आज की बात की जाए तो सोशल मीडिया के बहुत से पत्रकार और जर्नलिज्म विलुप्त होते जा रहा है ,मैं आगरा करता हूं सरकार से कि  इस पर कड़ी से कड़ी एक्शन लिया जाए।


विवेक रंजन