क़ानून तोड़ने वाले को प्रमोशन तो कानून निभाने वाले को भी मिले प्रमोशन:रमेश


भारतीय बेरोज़गार पार्टी बिहार प्रदेश अध्यक्ष रमेश कुमार ने बिहार सरकार की कड़ी निंदा की है उन्होंने कहा कि यह नीतीश कुमार का कैसा इंसाफ है जो कि क़ानून तोड़ने औऱ पुलिस जवान को बीच सड़क पर बेज्जत करने वाले अररिया के ज़िला कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार को शाबासी दी गई है जो कि उन्हें  पटना उप निदेशक बना दिया गया।उन्होंने कहा की पूरा देश जानता है कि ग़लती किसकी थी औऱ ईमानदारी से ड्यूटी कौन निभा रहा था रमेश कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा ऐसे कानून तोड़ने वाले दोषियों को छूट देने की वजह से ही अन्य पदाधिकरियों का मानोबल बढ़ रहा है जिसका एक और ताज़ा उदाहरण चकाई का है जहाँ जब एक दारोगा ने लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर वहां के बीडीओ को टोका तो बीडीओ साहब ने दारोगा पर पिस्टल तान दी। उन्होंने नीतीश कुमार से पूछा कि क्या अब बीडीओ साहब को पुरस्कार के तौर पर जिला अधिकारी बनाएंगे?
 उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस प्रकार क़ानून तोड़ने वालों की प्रशंसा कर उन्हें पुरुस्कृत करने का काम करेगी तो जो ईमानदारी से ड्यूटी करते हैं उनको क्या सन्देश जाएगा।रमेश कुमार ने कहा कि सरकार का असली चेहरा उजागर हो चुका है उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जिसकी उन्होंने शपथ लिए थे कि राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कर्तव्यों का श्रद्धापूर्वक और शुद्ध अंत:करण से निर्वहन करेंगे तथा  भय या पक्षपात, अनुराग या द्वेष के बिना, सभी प्रकार के लोगों के प्रति संविधान और विधि के अनुसार कार्य करेंगे उसकी भी लाज़ नहीं रख सके।
रमेश कुमार ने चौकीदार जिसने अपना फ़र्ज़ ईमानदारी से निभाया था उसे थाना प्रभारी में प्रोन्नत करने की मांग नीतीश सरकार से  की है।उन्होंने कहा की एक्शन में आने का दावा कर रहे बिहार डीजीपी ने भी चौकीदार से बात कर न्याय का भरोसा दिलाया था. वहां मौजूद पुलिस पदाधिकारी को सस्पेंड कर इस प्रकरण में बड़ी मछली को बचाने का काम किया गया। लेकिन बिहार के डीजीपी सारे मामले के मुख्य आरोपी कृषि पदाधिकारी का कुछ नहीं बिगाड़ पाये.उन्होंने सरकार को आगाह करते हुए कहा कि यदि इसी प्रकार बिहार में पुलिसकर्मियों या अन्य कर्मियों के साथ नाइंसाफी होती रही तो लॉक डाउन के बाद भारतीय बेरोज़गार पार्टी के बैनर तले व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा।