क्रांतिकारी हड़ताली शिक्षक साथीयों से .
बिहार में भी कोरोना के कारण आपातकाल की घोषणा के बाद सभी जगह एहतियातन विद्यालय व अन्य संस्थान राज्यादेश के आलोक में बंद कर दिए गए हैं। हड़ताल अभी जारी है। हम अपनी मांगों को लेकर डटे हैं। और आगे भी डटे रहेंगे जब तक हमारी मांगे मानी नहीं जाती। 💪💪💪💪💪💪💪💪💪💪
जो साथी बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर गए थे ,उन्हें समिति के आह्वान पर ही हड़ताल से वापस लौटना है। करबद्ध निवेदन है कि जो अभी भी हड़ताल में किसी कारण नहीं आ पाए हैं(mpp/मेडिकल/अन्य) वह भी हड़ताल में उतरें। व्यवस्था परिवर्तन की इस जंग में हमारा साथ दें। आने वाली पीढ़ी उन्हें याद रखेगी। 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
कोरोना के कारण लागू इस आपातकाल में बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति ने निर्णय लिया है कि हम हड़ताल में बने रहकर बिहार की मिट्टी की सेवा करेंगे।
💪💪💪🙏🙏🙏💪💪💪
तो साथियों, पूरे प्रदेश पर अभी कोरोना वायरस का आपातकाल चल रहा है। यह एक तरह से बिहार के लिए अत्यंत संवेदनशील समय है। हम हड़ताल में हैं और पूर्व की तरह पूरे प्रदेश की नजर हम पर टिकी है। गाँव गाँव में हमारे नौनिहाल /उनके अभिभावक जानकारी व उचित प्रबंधन के अभाव में खतरनाक कोरोना की जद में आने की स्थिति में हैं। हमें उन तक वचाव की जानकारी पहुंचानी है। साथ ही उन्हें नियोजनवाद के खतरे से भी अवगत कराना है।
तो दोस्तों , त्वरित गति से कार्य करते हुए....
1)अपने हड़ताली शिक्षकों से तालमेल बिठाते हुए 10 -12 की संख्या में होकर एक एक गाँव जाए।
2) वहाँ आम लोगों को कोरोना से बचाव के उपाय को बताएं।
3) यह भी बताएं कि कैसे साफ सफाई से रहकर बिहार को रोगमुक्त रखा जा सकता है।
4) हड़ताल के कारणों ---नियोजनवाद से बदहाल होते बिहार की बात रखिये।
5) कभी भी यह मत कहिए कि आप पैसों अथवा वेतन बढ़ाने के लिए हड़ताल में हैं। उनसे कहिए कि हम अगली पीढ़ी को नियोजनबाद से बचाने के लिए लड़ रहे हैं।
6) अपने साथ कोरोना से बचाव संबंधी जानकारी की पर्ची भी ले जाएं व गाँव में बाटें।
7) नियोजनवाद के खिलाफ लिखी पर्ची भी बाटें।
8) खुद के स्वास्थ का ख़य्याल रखें ।
9) लौटने पर समन्वय समिति को सूचना दें।
10) समन्वय समिति शिक्षकों का लिस्टिंग कर ले। कि कौन कौन शिक्षक किस गाँव में गए। इसका लेखा जोखा रखा जाय।
साथियों, भले सरकार न माने, भले आम जनता न माने, किन्तु हम शिक्षक गण इस राष्ट्रीय आपदा की घड़ी में पूरी मुस्तैदी से हड़ताल में रहते हुए अपने बिहार को बचाने हेतु दृढसंकल्पित होकर खड़े रहेंगे।
अपनी लड़ाई के साथ साथ पूरे बिहार की लड़ाई हमें लड़नी है...हमारा दुश्मन हारेगा ...चाहे वो कोरोना हो या नियोजनवाद...
बिहार को आज पुनःआपकी जरूरत है। कोरोना से लड़ने के लिए...और बिहार के भविष्य को नियोजनवाद से बचाने के लिए।
तो आलस्य त्यागिये और कमर कस कर खड़े होइए ....बिहार की माटी पुनः आपको बुला रही है।
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
बिहार में भी कोरोना के कारण आपातकाल की घोषणा के बाद सभी जगह एहतियातन विद्यालय व अन्य संस्थान राज्यादेश के आलोक में बंद कर दिए गए हैं। हड़ताल अभी जारी है। हम अपनी मांगों को लेकर डटे हैं। और आगे भी डटे रहेंगे जब तक हमारी मांगे मानी नहीं जाती। 💪💪💪💪💪💪💪💪💪💪
जो साथी बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर गए थे ,उन्हें समिति के आह्वान पर ही हड़ताल से वापस लौटना है। करबद्ध निवेदन है कि जो अभी भी हड़ताल में किसी कारण नहीं आ पाए हैं(mpp/मेडिकल/अन्य) वह भी हड़ताल में उतरें। व्यवस्था परिवर्तन की इस जंग में हमारा साथ दें। आने वाली पीढ़ी उन्हें याद रखेगी। 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
कोरोना के कारण लागू इस आपातकाल में बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति ने निर्णय लिया है कि हम हड़ताल में बने रहकर बिहार की मिट्टी की सेवा करेंगे।
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तो साथियों, पूरे प्रदेश पर अभी कोरोना वायरस का आपातकाल चल रहा है। यह एक तरह से बिहार के लिए अत्यंत संवेदनशील समय है। हम हड़ताल में हैं और पूर्व की तरह पूरे प्रदेश की नजर हम पर टिकी है। गाँव गाँव में हमारे नौनिहाल /उनके अभिभावक जानकारी व उचित प्रबंधन के अभाव में खतरनाक कोरोना की जद में आने की स्थिति में हैं। हमें उन तक वचाव की जानकारी पहुंचानी है। साथ ही उन्हें नियोजनवाद के खतरे से भी अवगत कराना है।
तो दोस्तों , त्वरित गति से कार्य करते हुए....
1)अपने हड़ताली शिक्षकों से तालमेल बिठाते हुए 10 -12 की संख्या में होकर एक एक गाँव जाए।
2) वहाँ आम लोगों को कोरोना से बचाव के उपाय को बताएं।
3) यह भी बताएं कि कैसे साफ सफाई से रहकर बिहार को रोगमुक्त रखा जा सकता है।
4) हड़ताल के कारणों ---नियोजनवाद से बदहाल होते बिहार की बात रखिये।
5) कभी भी यह मत कहिए कि आप पैसों अथवा वेतन बढ़ाने के लिए हड़ताल में हैं। उनसे कहिए कि हम अगली पीढ़ी को नियोजनबाद से बचाने के लिए लड़ रहे हैं।
6) अपने साथ कोरोना से बचाव संबंधी जानकारी की पर्ची भी ले जाएं व गाँव में बाटें।
7) नियोजनवाद के खिलाफ लिखी पर्ची भी बाटें।
8) खुद के स्वास्थ का ख़य्याल रखें ।
9) लौटने पर समन्वय समिति को सूचना दें।
10) समन्वय समिति शिक्षकों का लिस्टिंग कर ले। कि कौन कौन शिक्षक किस गाँव में गए। इसका लेखा जोखा रखा जाय।
साथियों, भले सरकार न माने, भले आम जनता न माने, किन्तु हम शिक्षक गण इस राष्ट्रीय आपदा की घड़ी में पूरी मुस्तैदी से हड़ताल में रहते हुए अपने बिहार को बचाने हेतु दृढसंकल्पित होकर खड़े रहेंगे।
अपनी लड़ाई के साथ साथ पूरे बिहार की लड़ाई हमें लड़नी है...हमारा दुश्मन हारेगा ...चाहे वो कोरोना हो या नियोजनवाद...
बिहार को आज पुनःआपकी जरूरत है। कोरोना से लड़ने के लिए...और बिहार के भविष्य को नियोजनवाद से बचाने के लिए।
तो आलस्य त्यागिये और कमर कस कर खड़े होइए ....बिहार की माटी पुनः आपको बुला रही है।
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