नालन्दा का हिलसा भी बना शाहीन बाग।नागरिकता कानून का विरोध में बैठे हिलसा के महिलाएं एवं पुरुष।

बिहारशरीफ-CAA/NRC/NPR का विरोध लगातार जारी है वहीं नालन्दा के हिलसा में भी शाहीन बाग का नज़ारा दिखने को मिल रहा है आपको बतादें की अनिश्चितकालीन हड़ताल पर लोग काफी संख्या में उत्साहित  जोश और उमंग के साथ धरने पर आज़ादी के नारे के साथ लोग लगातार बैठ रहे हैं।
धरने में आए लोगों ने अपने उपस्थित में इसका विरोध करते हुए कहा कि CAA संविधान विरोधी एवं जनता विरोधी है जिसे हर हाल में सरकार को वापस लेने की मांग की गई साथ ही साथ सभा को सम्बोधित करते हुए लोगों ने कहा की हिंदुस्तान में ज़्यादातर लोग इसके खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं अगर सरकार इस फैसले को वापस नही लेती है तो ये धरना अनिश्चित काल तक चलता रहेगा।
वहीं इस भीड़ में कुछ छोटे छोटे बच्चे भी जोश एवं हौसले के साथ हम लड़ कर लेंगे आज़ादी के नारे के साथ धरने पर दिखे।वहीं इस धरने में हर समुदाय के लोग हिस्सा ले रहे हैं।वहीं जगह जगह बाद मग़रिब कई मोहल्ले से शांति पूर्ण तरीके से कैंडल मार्च निकाल कर इस कानून का विरोध कर रहे हैं।वहीं महिलाओं की उपस्थिति भी धरने में ज़्यादा संख्या में औरतों की भी भागीदारी देखी जा रही है।हम लड़कर लेंगे आज़ादी,ये हक हमारी आज़ादी,जीत गए तो वतन मुबारक हार गए तो कफ़न मुबारक जैसे गीत के साथ लोग इसका विरोध ज़ोर शोर से कर रहे हैं।इनमें उपस्थित हिलसा जामा मस्जिद के इमाम मौलाना मोनाज़िर हसन,मौलाना फिरदौस कासमी, हुमायूं नसीर,हाजी नुमान हैदर,मुन्ना अंसारी,वार्ड पार्षद परवेज़,जावेद आलम,इस्लाम उद्दीन,कृष्णा प्रसाद एडवोकेट,शंकर प्रसाद,तिलक चंद प्रसाद,बलेश्वर पासवान,कमलू प्रसाद।