नाबालिग के हाथों में सवारी गाड़ी, हथेली पर जनता की जान-बाल मजदूरी शहर में  बढ़ता हुआ.

पटना-जैसे जैसे बाल मजदूर पर

 सरकार रोक लगा रही है वैसे ही कुछ इलाकों में ये ज़्यादा बढ़ता हुआ दिख रहा है। जी हां आज ऐसा ही कुछ हुआ पटना के एक मोहल्ले में  (खबर देने वाले के सुलझा के लिए मोहल्ला गोपनीय रखा गया है) । 

सुबह करीब 8बज रहे थे। रोज कि दिनचर्या में पुरा मोहल्ला लीन था। तभी एक ज़ोर कि गर्जना हुई। पहले तो ऐसा लगा मानो किसी ने ट्रेक्टर से गीट्टी  गिराइ हो। लेकिन तभी किसी औरत के करूण चित्कार सुनाई दी। अनहोनी की आशंका में घर के बाकी लोग घर से बाहर आ गए। आसपास के लोग इकठ्ठे हो गए। जो नजारा सब ने देखा वो रूह कंपाने  वाली थी। करीब 15फिट लंबी और 12फिट चौड़ी लोहे कि स्लाइडिंग मेन गेट को एक हवा हवाई गाड़ी (टोटो) ने इतने जो़र की टक्कर मारी की वो नीचे रहने

 पटरी से उछल कर कम्पाउंड में टहल रही महिला से एक इंच की दूरी पर गीरी। टोटो का चालक करीब 13 से 14 वर्ष का नाबालिग लड़का था। घटना को अंजाम देकर नाबालिग टोटो को चालू छोड़ घटना स्थल से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने गाड़ी ज़ब्त कर ली ताकि चालक को खोजा जा सके। तभी एक 25-30 वर्ष के युवक आया और सबकी अपेझा  के विपरीत खुद को गाड़ी का मालिक बताया। नाबालिग उस गाड़ी का चालक था। पहले तो टोटो के मालिक ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की कोशिश की लेकिन गाड़ी जब्त होने के कारण उसने खुद को निर्दोष बताया। नाबालिग को गाड़ी देने की बात पर उसका रवईया बहुत ही बेफिक्र सा लापरवाही भरा जवाब दिया "पूरे बिहार में तो न जाने कितने ही नाबालिग आटो और टोटो चला रहे हैं तो इसमें कौन सी बड़ी बात है"। ये जवाब ये सोचने पर विवश करता है की क्या हमारी कनून व्यवस्था बस बाइक और कार के चालान कटने के लिए है या ये  देखना भी उनका ही काम है देखना कि 
1) नाबालिग द्वारा आटो/बस चलाई जा रही है
2) बाल मजदूरी जो कि गैरकानूनी है वो धड़ल्ले से कि जा रही है। 

आज के दुर्घटना में तीन लोगों की जान दांव पर थी। 


1) घर की मालकिन जो गेट गिरते समय कम्पाउंड में थी

2) सड़क पर चल रही महिला जो टोटो के चपेट में आती हुई बची 
3) वो नाबालिग जो टोटो चला रहा था, गेट के नीचे आने से बची। 

उम्मीद है इस घटना के बाद हमारी पुलिस प्रशासन अब जागेगी और बाल मजदूरी के विरुद्ध कड़े कदम उठाएगें।