या अली-या हुसैन के नारों से आज दिन भर गूंजता रहा बिहारशरीफ ।
बिहारशरीफ-झूला झुलाऊँ,मुझ पर क्यों बंद करते हो पानी,या हुसैन जैसे गीत और नात
की धुन पर मातम मनाने के साथ गम-ए-शहादत का त्योहार पूरे इलाके में आज बुधवार को शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ।
इस मौके पर विभिन्न अखाड़ा कमेटियों के द्वारा जुलूस के साथ झांकी भी निकाली गई।जुलूस में शामिल युवक ढोल की धुन पर परम्परागत हथियारों का हैरतअंगेज खेल प्रस्तुत किया।
बिहारशरीफ-झूला झुलाऊँ,मुझ पर क्यों बंद करते हो पानी,या हुसैन जैसे गीत और नात
की धुन पर मातम मनाने के साथ गम-ए-शहादत का त्योहार पूरे इलाके में आज बुधवार को शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ।
इस मौके पर विभिन्न अखाड़ा कमेटियों के द्वारा जुलूस के साथ झांकी भी निकाली गई।जुलूस में शामिल युवक ढोल की धुन पर परम्परागत हथियारों का हैरतअंगेज खेल प्रस्तुत किया।

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